Monday, December 26, 2016

Chalo Muskurahat batte hain hindi shayari


चलो! थोड़ी मुस्कुराहट बाँटते है,
थोड़ा दुख तकलीफों को डाँटते है.....!!!
क्या पता ये साँसे चोर कब तक हैं,
क्या पता ‘जिन्दगी की चरखी’ में ड़ोर कब तक हैं...!!!

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