Tuesday, January 24, 2017

दुल्हन शायरी image shayari 2017


एक तक़लीफ़ उमड़ती है मेरे सीने में,
अरे बेदर्द आता है क्यूँ आँसू बनकर,
आज सँवरी हूं आईने में बस तेरे लिए,
आज फिर बिखर जाएगा कजरा बहकर...!!!

Arises a hurt in my chest,
Hey why is unrelenting as tears,
Sँvri am today just for you in the mirror,
Today, once again, tears would wash away the Kaajal...!!!

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