Monday, January 9, 2017

Meri yaadein mera chehra shayari



मेरी यादें मेरा चेहरा मेरी बातें रुलायेंगी,
हिज़्र के दौर में गुज़री मुलाकातें रुलायेंगी,
दिनों को तो चलो तुम काट भी लोगे फसानों मे,
जहाँ तन्हा मिलोगे तुम तुम्हे रातें रुलायेंगी...!!!

My memories of my face, my words Rulayengi,
Hijhr Rulayengi meetings in the round gone,
So let's have some more days biting you in Fsanon,
Rulayengi lonely nights where you'll meet ... !!!