Best and Latest new two line heart touching hindi shayari




प्यार वो है जिसमे सच्चाई हो;
साथी की हर बात का एहसास हो;
उसकी हर अदा पर नाज़ हो;
दूर रह कर भी पास होने का एहसास हो........####

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आये जो वो सामने तो अज़ब तमाशा हुआ; 
हर शिकायत ने जैसे ख़ुदकुशी कर ली........####

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मेरे दिल ने जब भी कभी कोई दुआ माँगी है;
हर दुआ में बस तेरी ही वफ़ा माँगी है;
जिस प्यार को देख कर जलते हैं यह दुनिया वाले;
तेरी मोहब्बत करने की बस वो एक अदा माँगी है........####

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इश्क़ करने में नही पूछी जाती जात मोहबत की;
चलो कुछ तो है दुनिया में जो मज़हबी नहीं हुआ........####

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ख्याल में आता है जब भी उसका चेहरा;
तो लबों पे अक्सर फरियाद आती है;
भूल जाता हूँ सारे ग़म और सितम उसके;
जब ही उसकी थोड़ी सी मोहब्बत याद आती है........####

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तू कहीं हो दिल-ए-दीवाना वहाँ पहुँचेगा;
शमा होगी जहाँ परवाना वहाँ पहुँचेगा........####

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कभी दोस्ती कहेंगे कभी बेरुख़ी कहेंगे;
जो मिलेगा कोई तुझसा उसे ज़िन्दगी कहेंगे;
तेरा देखना है जादू तेरी गुफ़्तगू है खुशबू;
जो तेरी तरह चमके उसे रोशनी कहेंगे........####

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ये दिल भुलाता नहीं है मोहब्बतें उसकी;
पड़ी हुई थी मुझे कितनी आदतें उसकी;
ये मेरा सारा सफर उसकी खुशबू में कटा;
मुझे तो राह दिखाती थी चाहतें उसकी........####

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दिल की हसरत मेरी ज़ुबान पे आने लगी;
तुमने देखा और ये ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी;
ये इश्क़ के इन्तहा थी या दीवानगी मेरी;
हर सूरत में मुझे सूरत तेरी नज़र आने लगी........####

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ऐ आशिक तू सोच तेरा क्या होगा;
क्योंकि हशर की परवाह मैं नहीं करता;
फनाह होना तो रिवायत है तेरी;
इश्क़ नाम है मेरा मैं नहीं मरता........####

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रात होगी तो चाँद दुहाई देगा;
ख्वाबों में आपको वह चेहरा दिखाई देगा;
ये मोहब्बत है ज़रा सोच कर करना;
एक आंसू भी गिरा तो सुनाई देगा........####

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इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी;
ढूंढ रहे थे हम जिन्हें आखिर उन से बात हो गयी;
देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम;
बस यूँ समझो दोस्तो वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी........####

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तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे;
तुम मिल गए तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे;
तुम ना मिले तो जीते जी ही मर जायेंगे;
तुम्हें जो पा लिया तो मर कर भी जी जायेंगे........####

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जाने कहाँ थे और और चले थे कहाँ से हम;
बेदार हो गए किसी ख्वाब-ए-गिराँ से हम;
ऐ नौ-बहार-ए-नाज़ तेरी निकहतों की खैर;
दामन झटक के निकले तेरे गुलसिताँ से हम........####

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तुम को तो जान से प्यारा बना लिया;
दिल को सुकून आँख का तारा का बना लिया;
अब तुम साथ दो या ना दो तुम्हारी मर्ज़ी;
हम ने तो तुम्हें ज़िन्दगी का सहारा बना लिया........####

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लफ़्ज़ों में कैसे तारीफ करूँ,
लफ़्ज़ों में आप कैसे समा पाओगे;
जब भी पूछेंगे कभी लोग आपके बारे में,
हमारी आँखों में देख कर वो सब जान जायेंगे........####

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नसीब आज़माने के दिन आ रहे हैं;
क़रीब उन के आने के दिन आ रहे हैं;
जो दिल से कहा है जो दिल से सुना है;
सब उनको सुनाने के दिन आ रहे हैं........####

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हर ख़ुशी से खूबसूरत तेरी शाम करूँ;
अपना प्यार सिर्फ मैं तेरे नाम करूँ;
मिल जाए अगर दोबारा ये ज़िंदगी;
हर बार ये ज़िंदगी मैं तेरे नाम करूँ........####

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है इश्क़ भी जूनून भी, मस्ती भी जोश-ए-खून भी;
कहीं दिल में दर्द, कहीं आह सर्द, कहीं रंग ज़र्द;
है यूँ भी और यूँ भी........####

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अपनी आँखों के समंदर में उतर जाने दे;
तेरा मुजरिम हूँ मुझे डूब कर मर जाने दे;
ज़ख्म कितने तेरी चाहत से मिले हैं मुझको;
सोचता हूँ कहूँ, फिर सोचता हूँ कि छोड़ जाने दे........####

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पल पल के रिश्ते का वादा है आपसे;
अपनापन कुछ इतना ज्यादा है आपसे;
ना सोचना कि भूल गए हम आपको;
ज़िन्दगी भर चाहेंगे ये वादा है आपसे........####

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तेरे ही क़दमों में मरना भी और जीना भी;
कि तेरा प्यार है दरिया भी और सफ़ीना भी;
मेरी नज़र में तो अब सब बराबर हैं;
मेरे लिए तो तू ही है काशी तू ही मदीना भी........####

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ज़रूरी काम है लेकिन रोज़ाना भूल जाता हूँ;
मुझे तुम से मोहब्बत है मगर जताना भूल जाता हूँ;
तेरी गलियों में फिरना इतना अच्छा लगता है;
मैं रास्ता याद रखता हूँ मगर ठिकाना भूल जाता हूँ........####

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हम रूठे तो किसके भरोसे;
कौन है जो आयेगा हमे मनाने के लिए;
हो सकता है तरस आ भी जाये आपको;
पर दिल कहाँ से लायें आपसे रूठ जाने के लिये........####

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होश आये तो क्योंकर तेरे दीवाने को;
एक जाता है तो दो आते हैं समझाने को........####

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कभी मोहब्बत करो तो हमसे करना;
दिल की बात जुबान पर आये तो हम से कहना;
न कह सको कुछ तो आँखें झुका लेना;
हम समझ जायेंगे हमें तुम न कुछ कहना........####

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गलत सुना था कि मोहब्बत आँखों से होती है;
दिल तो वो भी चुरा लेते हैं जो पलकें नहीं उठाते........####

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दिल एक हो तो कई बार क्यों लगाया जाये;
बस एक इश्क़ ही काफी है अगर निभाया जाये........####

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हम वो फूल हैं जो रोज़ रोज़ नहीं खिलते;
यह वो होंठ हैं जो कभी नहीं सिलते;
हम से बिछड़ोगे तो एहसास होगा तुम्हें;
हम वो दोस्त हैं जो रोज़ रोज़ नहीं मिलते........####

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हक़ीक़त खुल गई हसरत तेरे तर्क-ए-मोहब्बत की;
तुझे तो अब वो पहले से भी बढ़ कर याद आते हैं........####

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खुशबू की तरह मेरी हर साँस में;
प्यार अपना बसाने का वादा करो;
रंग जितने तुम्हारी मोहब्बत के हैं;
मेरे दिल में सजाने का वादा करो........####

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तन्हाइयों में मुस्कुराना इश्क़ है;
एक बात को सब से छुपाना इश्क़ है;
यूँ तो नींद नहीं आती हमें रात भर;
मगर सोते-सोते जागना और जागते-जागते सोना ही इश्क़ है........####

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कच्ची दीवार हूँ ठोकर ना लगाना मुझे;
अपनी नज़रों में बसा कर ना गिराना मुझे;
तुम को आँखों में तसावुर की तरह रखता हूँ; 
दिल में धड़कन की तरह तुम भी बसाना मुझे........####

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ताल्लुक हो तो रूह से रूह का हो;
दिल तो अकसर एक दूसरे से भर जाया करते हैं........####

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उस एक चेहरे में आबाद थे कई चेहरे;
उस एक शख़्स में किस किस को देखता था मैं........####

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हमें तो खैर कोई दूसरा अच्छा नहीं लगता;
उन्हें खुद भी कोई अपने सिवा अच्छा नहीं लगता........####

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उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं;
तेरे दिल में हूँ पर तेरे पास नहीं;
झूठ कहूँ तो सब कुछ है मेरे पास;
और सच कहूँ तो तेरे सिवा कुछ नहीं........####

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धोखा ना देना कि तुझपे ऐतबार बहुत है;
ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है;
तेरी सूरत ना दिखे तो दिखाई कुछ नही देता;
हम क्या करें कि तुझसे हमें प्यार बहुत है........####

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उनके दीदार के लिए दिल तड़पता है;
उनके इंतज़ार में दिल तरसता है;
क्या कहें इस कमबख्त दिल को अब;
अपना होकर भी जो किसी और के लिए धड़कता है........####

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दिल की किताब में गुलाब उनका था;
रात की नींद में एक ख्वाब उनका था;
है कितना प्यार हमसे जब यह हमने पूछ लिया;
मर जायेंगे बिन तेरे यह जवाब उनका था........####

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आँखों के सामने हर पल आपको पाया है;
अपने दिल में सिर्फ आपको ही बसाया है;
आपके बिना हम जियें भी तो कैसे;
भला जान के बिना भी कोई जी पाया है........####

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मोहब्बत के लबोँ पर फिर वही तकरार बैठी है;
एक प्‍यारी सी मीठी सी कोई झनकार बैठी है;
तुझसे दूर रहकर के हमारा हाल है ऐसा;
मैँ तेरे बिन यहाँ तू मेरे बिन वहाँ बेकार बैठी है........####

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निकला करो इधर से भी होकर कभी कभी;
आया करो हमारे भी घर पर कभी कभी;
माना कि रूठ जाना यूँ आदत है आप की;
लगते मगर हैं अच्छे आपके ये तेवर कभी कभी........####

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बगैर जाने-पहचाने इक़रार ना कीजिये;
मुस्कुरा कर यूँ दिलों को बेक़रार ना कीजिये;
फूल भी दे जाते हैं ज़ख़्म गहरे कभी-कभी;
हर फूल पर यूँ ऐतबार ना कीजिये........####

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आप को भूल जाऊं यह नामुमकिन सी बात है;
आप को न हो यकीन यह और बात है;
जब तक रहेगी साँस तब तक आप रहोगे याद;
टूट जाये यह साँस तो यह और बात है........####

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कुछ सोचूं तो तेरा ख्याल आ जाता है;
कुछ बोलूं तो तेरा नाम आ जाता है;
कब तक छुपाऊँ दिल की बात;
उसकी हर अदा पर मुझे प्यार आ जाता है........####

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कहीं शेर ओ नग़्मा बन के कहीं आँसुओं में ढल के;
वो मुझे मिले तो लेकिन कई सूरतें बदल के........####

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मेरे दिल ने जब भी कभी कोई दुआ माँगी है;
तो हर दुआ में बस तेरी वफ़ा माँगी है;
जिस प्यार को देख कर दुनिया वाले जलते हैं;
तेरी मोहब्बत करने की बस वो एक अदा माँगी है........####

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अजीब नशा है होशियार रहना चाहता हूँ;
मैं उस के ख़्वाब में बेदार रहना चाहता हूँ;
ये मौज-ए-ताज़ा मेरी तिश्नगी का वहम सही;
मैं इस सराब में सरशार रहना चाहता हूँ........####

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चंद फाँसले हों दरमियाँ ये भी लाज़मी है;
डरता हूँ अगर नज़दीकियाँ बढ़ गई तो;
कहीं मोहब्बत ना हो जाए शख़्सियत से तेरी........####

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तेरे मिलने की आस न होती;
तो ज़िंदगी आज यूँ उदास न होती;
मिल जाती कभी तस्वीर जो तेरी;
तो हमको आज तेरी तलाश न होती........####

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कब उनके लबों से इज़हार होगा;
दिल के किसी कोने में हमारे लिए भी प्यार होगा;
गुज़र रही हैं अब तो यह रातें बस इसी सोच में;
कि शायद उनको भी हमारा इंतज़ार होगा........####

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वो सामने आये तो अज़ब तमाशा हुआ; 
हर शिकायत ने जैसे ख़ुदकुशी कर ली........####

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याद आयेगी हमारी तो बीते कल की किताब पलट लेना;
यूँ ही किसी पन्ने पर मुस्कुराते हुए हम मिल जायेंगे........####

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लाखों में इंतिख़ाब के क़ाबिल बना दिया;
जिस दिल को तुमने देख लिया दिल बना दिया;
पहले कहाँ ये नाज़ थे, ये इश्वा-ओ-अदा;
दिल को दुआएँ दो तुम्हें क़ातिल बना दिया........####

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जज़्बात मचलते हैं जब तुमसे मिलता हूँ;
अरमान मचलते हैं जब तुमसे मिलता हूँ;
साथ हम दोनों का कोई बर्दाश्त नहीं करता;
जलती है देख कर दुनिया जब मैं तुमसे मिलता हूँ........####

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चंद साँसे बची हैं आखिरी बार दीदार दे दो,
झूठा ही सही एक बार मगर तुम प्यार दे दो,
जिंदगी वीरान थी और मौत भी गुमनाम ना हो,
मुझे गले लगा लो फिर मौत मुझे हजार दे दो........####

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सौ बार कहा दिल से चल भूल भी जा उसको,
सौ बार कहा दिल ने तुम दिल से नहीं कहते........####

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इंतज़ार मेरी उम्र से लंबा हो शायद,
तेरा आना इस मर्ज़ की दवा हो शायद........####

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इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी;
ढूंढ रहे थे हम जिन्हें आखिर उन से बात हो गयी;
देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम;
बस यूँ समझो दोस्तो वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी........####

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तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे;
तुम मिल गए तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे;
तुम ना मिले तो जीते जी ही मर जायेंगे;
तुम्हें जो पा लिया तो मर कर भी जी जायेंगे........####

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फ़िज़ा की महकती शाम हो तुम,
प्यार में छलकता जाम हो तुम,
सीने में छुपाये फिरता हूँ यादें तुम्हारी,
इसलिए मेरी ज़िन्दगी का दूसरा नाम हो तुम........####

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जब से मुँह को लग गई अख़्तर मोहब्बत की शराब,
बे-पिए आठों पहर मदहोश रहना आ गया........####

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उस की बाहों में सोने का अभी तक शौंक है मुझको,
मोहब्बत में उजड़ कर भी मेरी आदत नहीं बदली........####

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कहीं वो आ के मिटा दें न इंतज़ार का लुत्फ़,
कहीं क़ुबूल न हो जाए इल्तिजा मेरी........####

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धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल,
अभी तो पलकें झुकाई हैं मुस्कुराना अभी बाकी है उनका........####

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मोहब्बत मुझे थे उसी से सनम,
यादों में उसकी यह दिल तड़पता रहा,
मौत भी मेरी चाहत को न रोक सकी,
क़ब्र में भी यह दिल उसके लिए धड़कता रहा........####

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अब तक ख़बर न थी कि मोहब्बत गुनाह है;
अब जान कर गुनाह किए जा रहा हूँ मैं........####

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लिखा था राशि में आज खज़ाना मिल सकता है,
कि अचानक गली में सनम पुराना दिख गया........####

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कोई समझे तो एक बात कहूँ,
इश्क़ तौफ़ीक़ है गुनाह नहीं........####

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तोहमतेँ तो लगती रही रोज़ नयी नयी हम पर,
मगर जो सबसे हसीन इलज़ाम था वो तेरा नाम था........####

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आदत सी हो गयी है तेरे करीब रहने की,
बस इतना बता

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 तेरी साँसों की खुशबू वाला इत्र मिलेगा कहाँ........####

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तुम हमें कभी दिल कभी आँखों से पुकारो,
ये होंठो के तकल्लुफ तो ज़माने के लिए हैं........####

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सूरज ढलते ही रख दिये उसने मेरे होठों पर होंठ,
इश्क का रोज़ा था और गज़ब की इफ्तारी........####

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दिल को तेरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है,
और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता........####

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नहीं है अब कोई तमन्ना इस दिल में,
मेरी पहली और आखिरी जुस्तजू बस तुम हो........####

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नहीं भाता अब तेरे सिवा किसी और का चेहरा,
तुझे देखना और देखते रहना दस्तूर बन गया है........####

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उसे कह दो अपनी ख़ास हिफाज़त किया करे,
बेशक साँसें उसकी हैं मगर जान तो वो हमारी है........####

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दिल से हर मामला कर के चले थे साफ़ हम,
कहने में उनके सामने बात बदल गयी........####

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दिल अपने को एक मंदिर बना रखा है,
उस के अंदर बस तुझ को बसा रखा है,
रखता हूँ तेरी चाहत की तमन्ना रात दिन,
तेरे आने की उम्मीद का दिया जला रखा है........####

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अब आ गए हैं आप तो आता नहीं है याद;
वर्ना कुछ हम को आप से कहना ज़रूर था........####

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किसी की क्या मज़ाल थी जो कोई हमें खरीद सकता;
हम तो खुद ही बिक गए खरीददार देख कर........####

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अभी कम-सिन हो रहने दो कहीं खो दोगे दिल मेरा;
तुम्हारे ही लिए रखा है ले लेना जवाँ हो कर........####

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ज़िक्र उस परी-वश का और फिर बयाँ अपना;
बन गया रक़ीब आख़िर था जो राज़-दाँ अपना........####

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दिल में आप हो और कोई खास कैसे होगा;
यादों में आपके सिवा कोई पास कैसे होगा;
हिचकियॉं कहती हैं आप याद करते हो;
पर बोलोगे नहीं तो मुझे एहसास कैसे होगा........####

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क्या अच्छा क्या बुरा क्या भला देखा;
जब भी देखा तुझे अपने रु ब रु देखा;
सोचा बहुत भूल कर ना सोचूंगा तुझे;
जिस रात आँख लगी फिर तुझे हर ख्वाब में देखा........####

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आहिस्ता आहिस्ता आपका यकीन करने लगे हैं;
आहिस्ता आहिस्ता आपके करीब आने लगे हैं;
दिल तो देने से घबराते हैं मगर;
आहिस्ता आहिस्ता आपके दिल की कदर करने लगे हैं।

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कल तेरा जिक्र हुआ महफ़िल में,
और महफ़िल देर तक महकती रही........####

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ऐ काश कुदरत का कहीं ये नियम हुआ करे,
तुझे देखने के सिवा ना मुझे कोई काम हुआ करे........####

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मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना;
जरा से भी चूक हुई तो मोहब्बत हो जायेगी........####

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उनके लबो पर देखो फिर आज मेरा नाम आया है;
लेकर नाम मेरा देखो महबूब आज कितना शरमाया है;
पूछे मेरी ये आँखे उनसे कि कितनी मोहब्बत है मुझसे;
बोले वो पलके झुका कि मेरी हर साँस में बस तू ही समाया है........####

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मैं जो चाहूँ तो अभी तोड़ लूँ नाता तुम से;
पर मैं बुझ-दिल हूँ मुझे मौत से डर लगता है........####

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हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका;
मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया........####

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हाल तो पूछ लू तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी;
ज़ब ज़ब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है........####

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मुझे याद करने से ये मुद्दा था;
निकल जाए दम हिचकियाँ आते आते........####

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जब पास हों तो रुख से निगाहें ना मोड़ना;
जब दूर हों तो मेरा तस्सावुर न छोड़ना;
सोच लेना दिल लगाने से पहले एक बार;
मुश्किल बहुत है निभाने रिश्ते,
भूल कर भी कभी इनकी ज़ंजीरें ना तोडना........####


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आँखों में देख कर वो दिल की हकीकत जानने लगे;
उनसे कोई रिश्ता भी नहीं फिर भी अपना मानने लगे;
बन कर हमदर्द कुछ ऐसे उन्होंने हाथ थामा मेरा;
कि हम खुदा से दर्द की दुआ मांगने लगे........####

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वादा करके और भी आफ़त में डाला आपने;
ज़िन्दगी मुश्किल थी, अब मरना भी मुश्किल हो गया........####

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इश्क़ है इश्क़ ये मज़ाक़ नहीं;
चंद लम्हों में फ़ैसला न करो........####

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देख मेरी आँखों में ख्वाब किसके हैं;
दिल में मेरे सुलगते तूफ़ान किसके हैं;
नहीं गुज़रा कोई आज तक इस रास्ते से हो कर;
फिर ये क़दमों के निशान किसके हैं........####

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ना छोड़ना मेरा साथ ज़िन्दगी में कभी;
शायद मैं ज़िंदा हूँ तेरे साथ की वजह से........####

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उसे मैं ढाँप लेना चाहता हूँ अपनी पलकों में;
इलाही उस के आने तक मेरी आँखों में दम रखना........####

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आँखों की गहराई को समझ नहीं सकते;
होंठों से हम कुछ कह नहीं सकते;
कैसे बयाँ करें हम यह हाल-ए-दिल आपको;
कि तुम्हीं हो जिसके बगैर हम रह नहीं सकते........####

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बहुत वक़्त लगा हमें आप तक आने में;
बहुत फरियाद की खुदा से आपको पाने में;
कभी यह दिल तोड़ कर मत जाना;
हमने उम्र लगा दी आप जैसा सनम पाने में........####

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कोई मेरे दिल से पूछे तेरे तीर-ए-नीम-कश को;
ये ख़लिश कहाँ से होती जो जिगर के पार होता........####

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तेरी चुप्पी अगर तेरी कोई मज़बूरी है;
तो रहने दे इश्क़ कौन सा ज़रूरी है........####

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क़दमों की दूरी से दिलों के फांसले नहीं बढ़ते;
दूर होने से एहसास नहीं मरते;
कुछ क़दमों का फांसला ही सही हमारे बीच;
लेकिन ऐसा कोई पल नहीं जब हमको याद नहीं करते........####

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उनके ख्याल से ही जब इतनी सुहानी लगती है ये दुनिया;
सोचो अगर वो साथ होंगे तब क्या बात होगी........####

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होती अगर मोहब्बत बादल के साये की तरह;
तो मै तेरे शहर मे कभी धूप ना आने देता........####

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हर बार संभाल लूंगा गिरो तुम चाहो जितनी बार;
बस एक ही इल्तिज़ा है कि मेरी नज़रों से ना गिरना तुम कभी........####

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यूँ तो तमन्ना दिल में ना थी लेकिन;
ना जाने तुझे देखकर क्यों आशिक बन बैठे........####

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ये तो कहिए इस ख़ता की क्या सज़ा;
मैं जो कह दूँ आप पर मरता हूँ मैं........####

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कहा ये किसने कि फूलों से दिल लगाऊं मैं;
अगर तेरा ख्याल ना सोचूं तो मर जाऊं मैं;
माँग ना मुझसे तू हिसाब मेरी मोहब्बत का;
आ जाऊं इम्तिहान पर तो हद्द से गुज़र जाऊं मैं........####

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वो कहते हैं मुझसे कोई और बात करो;
लाऊँ कहाँ से बात अब उनकी बात के सिवा........####

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प्यार की तरह आधा अधूरा सा अल्फाज था मैं;
तुमसे क्या जुडा ज़िंदगी की तरह पूरी गजल बन गया........####

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मेरी यादों में तुम हो, या मुझ में ही तुम हो;
मेरे खयालों में तुम हो, या मेरा ख़याल ही तुम हो........####

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सुना है प्यार में मुश्किल नहीं कुछ भी;
चलो समंदर में आग लगा कर आज़माते हैं........####

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ज़िंदा रहे तो हर दिन तुम्हें याद करते रहेंगे;
भूल गए तो समझ लेना खुदा ने हमें याद कर लिया........####

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वो मुलाक़ात कुछ अधूरी सी लगी;
पास होकर भी कुछ दूरी सी लगी;
होंठों पे हँसी आँखों में नमी;
पहली बार किसी की चाहत ज़रूरी सी लगी........####

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आँखों में बस बसी है सूरत आपकी;
दिल में छुपी है मूरत आपकी;
महसूस होता है जीने के लिए;
हमें तो बस है ज़रूरत आपकी........####

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ग़म्ज़ा नहीं होता कि इशारा नहीं होता;
आँख उन से जो मिलती है तो क्या क्या नहीं होता........####

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दो कदम चलने के लिए साथ माँगा है;
बस पल दो पल के लिए प्यार माँगा है;
हम समझते हैं उसकी मज़बूरियों को;
इसलिए उसे उसकी मज़बूरियों के साथ माँगा है........####

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मैं तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती;
मैं जवाब बनता अगर तू सवाल होती;
सब जानते है मैं शरब नहीं पीता;
मगर मैं भी पी लेता अगर तू शराब होती........####

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दो बातें उनसे की तो दिल का दर्द खो गया;
लोगों ने हमसे पूछा कि तुम्हें क्या हो गया;
बेकरार आँखों से सिर्फ हँस के रह गए;
ये भी ना कह सके कि हमें प्यार हो गया........####

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मुँह की बात सुने हर कोई दिल के दर्द को जाने कौन;
आवाजों के बाज़ारों में ख़ामोशी पहचाने कौन;
सदियों सदियों वही तमाशा रस्ता रस्ता लम्बी खोज;
लेकिन जब हम मिल जाते हैं खो जाता है जाने कौन........####
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मैं यूँ भी एहतियातन उस गली से कम गुज़रता हूँ;
कोई मासूम क्यों मेरे लिए बदनाम हो जाए........####

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चलो उसका नही तो खुदा का एहसान लेते हैं;
वो मिन्नत से ना माना तो मन्नत से मांग लेते हैं........####

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भेज दी तस्वीर अपनी उन को ये लिख कर 'शकील';
आप की मर्ज़ी है चाहे जिस नज़र से देखिए........####

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तेरा अंदाज़-ए-सँवरना भी क्या कमाल है;
तुझे देखूं तो दिल धड़के, ना देखूं तो बेचैन रहूँ........####

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क्या मज़ा देती है बिजली की चमक मुझ को रियाज़;
मुझ से लिपटे हैं मिरे नाम से डरने वाले........####

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वो खुद पर गरूर करते है, तो इसमें हैरत की कोई बात नहीं;
जिन्हें हम चाहते है, वो आम हो ही नहीं सकते........####

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अपनी ज़िन्दगी में मुझ को करीब समझना;
कोई ग़म आये तो उस ग़म में भी शरीक समझना;
दे देंगे मुस्कुराहट आँसुओं के बदले;
मगर हज़ारों में मुझे थोड़ा अज़ीज़ समझना........####

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वो कभी मिल जाएं तो क्या कीजिये;
रात दिन सूरत को देखा कीजिये;
चाँदनी रातों में एक एक फूल को;
बेखुदी कहती है सज़दा कीजिये........####

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कुछ मतलब के लिए ढूँढते हैं मुझको;
बिन मतलब जो आए तो क्या बात है;
कत्ल कर के तो सब ले जाएँगे दिल मेरा;
कोई बातों से ले जाए तो क्या बात है........####

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अपनी ज़िन्दगी का अलग उसूल है;
प्यार की खातिर तो काँटे भी कबूल हैं;
हँस के चल दूँ काँच के टुकड़ों पर;
अगर तू कह दे ये मेरे बिछाये हुए फूल हैं........####

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ज़रा साहिल पे आकर वो थोड़ा मुस्कुरा देती;
भंवर घबरा के खुद मुझ को किनारे पर लगा देता;
वो ना आती मगर इतना तो कह देती मैं आँऊगी;
सितारे, चाँद सारा आसमान राह में बिछा देता........####

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जब कोई ख्याल दिल से टकराता है;
दिल ना चाह कर भी खामोश रह जाता है;
कोई सब कुछ कह कर प्यार जताता है;
तो कोई कुछ ना कह कर प्यार निभाता है........####

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वो चांदनी का बदन ख़ुशबुओं का साया है;
बहुत अज़ीज़ हमें है मगर पराया है;
उतर भी आओ कभी आसमाँ के ज़ीने से;
तुम्हें ख़ुदा ने हमारे लिये बनाया है........####

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क्या कहें कुछ भी कहा नहीं जाता;
दर्द मिलता है पर सहा नहीं जाता;
हो गयी है मोहब्बत आपसे इस कदर;
कि अब तो बिन देखे आप को जिया नहीं जाता........####

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तेरे हर ग़म को अपनी रूह में उतार लूँ;
ज़िन्दगी अपनी तेरी चाहत में संवार लूँ;
मुलाक़ात हो तुझसे कुछ इस तरह मेरी;
सारी उम्र बस एक मुलाक़ात में गुज़ार लूँ........####

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हम उस से थोड़ी दूरी पर हमेशा रुक से जाते हैं;
न जाने उस से मिलने का इरादा कैसा लगता है;
मैं धीरे धीरे उन का दुश्मन-ए-जाँ बनता जाता हूँ;
वो आँखें कितनी क़ातिल हैं वो चेहरा कैसा लगता है........####

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आँखों से आँखें मिलाकर तो देखो;
हमारे दिल से दिल मिलाकर तो देखो;
सारे जहान की खुशियाँ तेरे दामन में रख देंगे;
हमारे प्यार पर ज़रा ऐतबार करके तो देखो........####

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ना जाने कब वो हसीन रात होगी;
जब उनकी निगाहें हमारी निगाहों के साथ होंगी;
बैठे हैं हम उस रात के इंतज़ार में;
जब उनके होंठों की सुर्खियां हमारे होंठों के साथ होंगी........####

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मोहब्बत एक दम दुख का मुदावा कर नहीं देती;
ये तितली बैठती है ज़ख़्म पर आहिस्ता आहिस्ता........####

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मेरी चाहत को अपनी मोहब्बत बना के देख;
मेरी हँसी को अपने होंठो पे सज़ा के देख;
ये मोहब्बत तो हसीन तोहफा है एक;
कभी मोहब्बत को मोहब्बत की तरह निभा कर तो देख........####

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इश्क़ में कोई खोज नहीं होती;
यह हर किसी से हर रोज नहीं होती;
अपनी जिंदगी में हमारी मौजूदगी को बेवजह मत समझना;
क्योंकि पलकें कभी आँखों पर बोझ नहीं होती........####

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रोज कहता हूँ न जाऊँगा कभी घर उसके;
रोज उस के कूचे में कोई काम निकल आता है........####

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साथ अगर दोगे तो मुस्कुराएंगे ज़रूर;
प्यार अगर दिल से करोगे तो निभाएंगे ज़रूर;
कितने भी काँटे क्यों ना हों राहों में;
आवाज़ अगर दिल से दोगे तो आएंगे ज़रूर।........####

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क्यों तू अच्छा लगता है, वक़्त मिला तो सोचेंगे;
तुझ में क्या क्या देखा है, वक़्त मिला तो सोचेंगे;
सारा शहर शहंशाही का दावेदार तो है लेकिन;
क्यों तू हमारा अपना है, वक़्त मिला तो सोचेंगे........####

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रात से शिकायत क्या बस तुम्हीं से कहना है;
बस तुम ज़रा ठहर जाओ रात कब ठहरती है........####

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