Kaash Shayari in Hindi 2017



काश फिर मिलने की वजह मिल जाए....!!!
साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए....!!!
चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें....!!!
क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए....!!!


काश....!!!....!!!....!!! एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर....!!!
वो आकर गले लगा ले....!!! मेरी इजाजत के बगैर....!!!





काश वो आ जायें और देख कर कहें मुझसे....!!!
हम मर गये हैं क्या? जो इतने उदास रहते हो....!!!

तेरे हुस्न पे तारीफों भरी किताब लिख देता....!!!
काश....!!!....!!!....!!! तेरी वफ़ा तेरे हुस्न के बराबर होती ....!!!



उस की हसरत को मेरे दिल में लिखने वाले....!!!
काश....!!!....!!!....!!! उसको भी मेरी क़िस्मत में लिखा होता....!!!



काश....!!!....!!!....!!! तू समझ सकती मोहब्बत के उसूलो को....!!!
किसी की सांसो में समाकर उसे तन्हा नहीं करते ....!!!



काश तू भी बन जाए तेरी यादों कि तरह....!!!
न वक़्त देखे न बहाना बस चली आये ....!!!....!!!


वो रोज़ देखता है डूबते सूरज को इस तरह....!!!
काश मैं भी किसी शाम का मंज़र होता ....!!!....!!!

काश तू इतनी सी मोहब्बत निभा दे....!!!
जब भी मैं रूठूँ तो तू मुझे मना ले....!!!



काश कहीं से मिल जाते वो अल्फ़ाज़ हमें भी....!!!
जो तुझे बता सकते कि हम शायर कम तेरे आशिक ज्यादा हैं....!!!