Latest Romantic Shayari 2016


कैसे मैं कहीं महसूस करूँ अपने इस वजूद को ,
मुश्किल से सम्हलता है और पल में बिखर जाता है ...........####

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Kaise main kahin mehsoos karun apne is wajood ko
Mushkil se samhlata hai aur pal mein bikhar jata hai...........####

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तेरी बात में कोई बात है
बस यूँ ही नहीं ये बात है
ऐसे बसी है तू दिल में मेरे
जैसे बादलों में बरसात है...........####

क्या तुझको भी आती है कभी
उन यादों की कोई याद है
जिन्हें छोड़ा था मेरे पास तब
जब सोचा था मरना साथ है...........####

क्यूँ आँखों में तेरी थी नहीं
जो बातों में तेरी बात है
मैं बातों में ही उलझा रहा
था सोचा बात ही जज़्बात है...........####

क्यूँ आज तक रोता हूँ मैं
ज़िक्र- ए- उल्फत दिन रात है
क्यूँ मन में ये बसता नहीं
कि दर्द ही तेरी सौगात है ...........####

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Teri baat mein koi baat hai
Bas Yun hi nahin ye baat hai
Aise basi hai tu dil mein mere
Jaise baadalon mein barsat hai...........####

Kya tujhko bhi aati hai kabhi
Un yaadon ki koi yaad hai
Jinhe chhoda tha mere paas tab
Jab socha tha marna saath hai...........####

Kyun ankhon mein teri thi nahin
Jo baaton mein teri baat hai
Main baaton mein hi uljha raha
Tha Socha baat hi zazbaat hai...........####

Kyun aaj tak rota hun main
Zikr – e – ulfat din raat hai
Kyun man mein ye basta nahi
Ki dard hi teri saugat hai...........####

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जब भी कोई मंज़िल या कोई मुक़ाम आया ,
ज़ुबान पर मेरी बस तेरा ही इक नाम आया...........####

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इश्क़ की नाकामियों पर , दिल मेरा क्यूँ रोता है ,
चाह के चंदा को सूरज , बिन मिले ही तो सोता है...........####

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परछाँईयाँ पलकों में धुँधली हुई ,
कनखियों का मुस्कुराना ना रहा ...........####

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बेरूखियों से लफ़्ज भी गूँगे हुए ,
और वो दिलकश तराना ना रहा ...........####

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सोचा बरसों भीगें इन बारिशों में ,
आज पर मौसम सुहाना ना रहा !

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ज़िन्दगी को वो फ़साना ना रहा ,
दिल भी अब ये दीवाना ना रहा...........####

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मय का मंज़र हो , और जाम हो , लबों पे मेरे ,
और जी पीने से , मुकर जाये , तो क़रार आये...........####

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दिल धड़कता है , तेरी याद में , हर लम्हा मेरा ,
उम्र भर यूँ ही , गुज़र जाये , तो क़रार आये !

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रातें महकी हो , चाँदनी में यहाँ , बरसों तो क्या ,
कभी दिन में भी , सुरूर आये , तो क़रार आये...........####

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ये उम्र लम्हों में सिमट जाये तो क़रार आये ,
बात बिगड़ी भी सँवर जाये तो क़रार आये...........####

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कोई कहता हमें , पागल तो , दीवाना भी कोई ,
किया दुनिया का , यूँ हँसना भी , गँवारा हमने...........####

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जब भी यादों ने , ख़्वाबों से , जगाया हमको ,
ले के होठों पे , हँसी तुमको , पुकारा हमने ...........####

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बस इक लम्हा , तेरी ख़ुशबू का , गुज़ारा हमने ,
ज़िन्दगी भर उसे , फिर दिल में , संवारा हमने...........####

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आज दुनिया ने करी मेरी तरफ़दारी है ,

रात मुश्किल कभी मैंने भी गुज़ारी है...........####

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ठहरा नहीं है कोई यहाँ , मेरी यादों के सिवा ,
तमन्ना है चलूँ इक बार , वक़्त से आगे कभी ...........####

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धूप से दिल की , सूखा था इक , ओस का फूल ,
रखी किताबों में , सूखी पंखुड़ी , याद ना दिला ...........####

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अब हुआ जाके यक़ीं , आईने को , नीयत पे मेरी ,
अक्स जब उसको , आँखों में , तुम्हारा ना मिला ...........####

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चाँदनी रात भर , शोलों सी , जलाती थी बदन ,
भूला हूँ ख़्वाब जो , उस रात , हमारा ना खिला ...........####

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ना शिकायत है कोई , ना ही है कोई अब गिला ,
ये तो क़िस्मत थी हमारी , जिसे चाहा ना मिला...........####

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जो भी चाहूँ मैं ज़रा , हो रहा है सब यहाँ ,
ख़्वाब सारे यूँ ही सच , बनाये मेरी ज़िन्दगी ...........####

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एक शमा जली इश्क की और आ गये सारे परवाने ,
जल चुके कई बार फिर भी लौ पे छा गये दीवाने...........####

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Ek shama jali ishq ki aur aa gaye saare parwaane,
Jal chuke kai baar phir bhi lau pe chhaa gaye deewane...........####

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कहते हो हमसे आके तुम , ले जाओ अपनी यादें ;
एक नयी याद चुराने का , अच्छा है ये बहाना ...........####

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Kahte ho hamse aake tum , le jaao apni yaaden ;
Ek nayi yaad churaane ka , achchha hai ye bahana...........####

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इश्क़ का नहीं रिवाज कि कुछ देने में कोई सोचे ,
सोच के देते तो कभी ख़ुद को ना यूँ दिया होता...........####

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Ishq ka nahin riwaaj ki kuchh dene mein koi soche ,
Soch ke dete to kabhi khud ko na yun diya hota...........####

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यादों को उनकी रखा है हमने संभाल कर ,
ना जाने कब उन्हें वो हमसे मांगने लगें...........####

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Yaadon ko unki rakha hai hamne sambhal kar ,
Na jaane kab unhe wo hamse maangne lagen...........####

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हमने  तो  सुना  था  कि  ख़ुद  को  खूब   जानते  हैं  वो  ,

पर  ख़ुद  से  आज  मिलते  ही  वो  ख़ुद  से  बदल  गए...........####

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Hamne to suna tha ki khud ko khoob jaante hain wo ,

Par  khud  se  aaj  milte  hi  wo  khud  se badal gaye...........####

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आज      इस      ग़ुरूर     में  ,

सबको   ही  यूँ   भूला   हूँ  मैं ,

कल   टूटते   ही   इसके    मैं ,

खुद   को  ही  भूला  पाऊंगा...........####

ज़िन्दगी     की      बात      है ,

कोई     रवानी       तो     नहीं ,

कल  ज़िन्दगी  के  बाद  फिर ,

मुंह  किसको  मैं  दिखलाऊंगा...........####

वो     पास    हैं   या  दूर   हैं ,

ये     तो   कहानी    है   सभी ,

सच  जानकर   इस  बात का ,

अब    कैसे   मैं    झुठलाऊंगा...........####

आँखों   में   हैं   होठों   पे   हैं ,

सपनों   में   भी     आप      हैं ,

अब  जागकर  मैं   क्या  करूँ ,

खुद को मैं क्यूँ  यूँ जगाऊंगा...........####

जब   हाथ   हो  हाथों  में  बस ,

और दिल भी दिल के पास हो ,

तब   चूम  कर  उन   होठों  को ,

मैं   क्यूँ    ना   यूँ     इतराऊंगा...........####

जीना    तो  है  उन  बाहों  में ,

जीना  तो  है उन  आँखों  में ,

ग़र   जीना  ना  हो  तेरे  संग ,

तो   कैसे   मैं   जी     पाऊंगा...........####

तुम   ना  मिले   तो  है  नहीं ,

जो  तुम  मिले  जन्नत   यहीं ,

ग़र  मिल  गए  जो  तुम  मुझे ,

फिर   मैं   सदा    मुसकाऊंगा...........####

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करता है तू इनायत सब पे ,
पर कहता नहीं कभी भी ,
फिर ये बन्दे तेरे जहाँ के ,
अपने किये को गाते क्यूँ हैं ...........####

तू करता है ये मेहरबानियाँ ,
वो समझते हैं उनका हक है ,
पर छोटी अपनी मेहरबानी को ,
दूजे पे यूँ जताते क्यूँ हैं...........####

कहते हैं वो ये पाया उन्होंने ,
दुनिया को ये बताते क्यूँ हैं ,
अंजाम है दुआओं का सबकी ,
ये कहने में शर्माते क्यूँ हैं ...........####

जो पाया है वो भी है तेरा ,
दुनिया है दो दिनों का बसेरा ,
दिल में ये जानते हैं सभी फिर ,
इस बात को झुठलाते क्यूँ हैं...........####

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Karta hai tu inayat sabpe ,
Par kahta nahin kabhi bhi ,
Phir ye bande tere jahan ke ,
Apne kiye ko gate kyun hain...........####

Tu karta hai ye meharbaaniyan ,
Wo samjhate hain unka haq hai ,
Par chhoti apni meharbaani ko ,
Duje pe yun jataate kyun hain...........####

Kahte hain wo ye paya unhone ,
Duniya ko ye batate kyun hain ,
Anzaam hai ye duaon ka sabki ,
Ye Kahne mein sharmaate kyun hain ...........####

Ja paya hai wo bhi hai tera ,
Duniya hai do dinon ka basera ,
Dil mein ye jaante hain sabhi phir ,
Is baat ko jhuthlaate kyun hain...........####

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ना चाहूँ मेरे जाने के बाद , कोई मुझे याद करे ,
ना बातों में मेरी कोई , वक़्त अपना बरबाद करे ,

फिर भी चाहे कोई देना मुझे , मेरे जीने का सिला ,
तो दोस्तों से अपने वो बस , मुस्कुरा के बात करे...........####

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Na chahoon mere jane ke baad , 
koi mujhe yaad kare ,
Na baaton mein meri koi , 
waqt apna barbaad kare ,

Phir bhi chaahe koi dena mujhe, 
mere jeene ka silah ,
To doston se apane wo bas , 
muskura ke baat kare...........####

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